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Showing posts from August, 2024

उज्जैन में कालसर्प दोष की पूजा कब होती है?

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उज्जैन में कालसर्प दोष की पूजा कब होती है? वैसे तो कालसर्प दोष पूजा किसी भी नाग मंदिर में या भगवान् शिवजी के मंदिर में कर सकते है और कभी भी कर सकते है कालसर्प दोष के जातको को किसी भी महीने में इस पूजा को विद्वान ब्राहम्णो द्वारा करा सकते है तथा उज्जैन महाकालेश्वर मंदिर में कालसर्प दोष पूजा करने का अपना अलग ही महत्व है और किसी भी दिन तिथि व् महीने में इस पूजा को करा सकते है  उज्जैन में कालसर्प दोष पूजा के लिए तिथियां तय होती है उसी दिन यह पूजा करना शुभ होता है  हमें उज्जैन में काल सर्प दोष पूजा करने की आवश्यकता तब होती है जब किसी व्यक्ति की कुंडली में यह दोष होता है, इसलिए यह काल सर्प शांति पूजा आमतौर पर  अमावस्या, श्रावण सोमवार या किसी अन्य अच्छे दिन पर  की जाती है उससे पूजा का सही फल मिलता है  कालसर्प दोष की पूजा उज्जैन में करने का अपना विशेष महत्व है क्योकि महाकाल की नगरी में पूजन हवन करने से शिवजी का आशीर्वाद प्राप्त होता है और व्यक्ति को हमेशा के लिए कालसर्प दोष से मुक्ति मिल जाती है  उज्जैन  मे भगवान महाकाल की पूजा करके राहु, काल और सर्प के दोषों ...

मांगलिक दोष निवारण के लिए कौन सी पूजा अच्छी है?

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 मांगलिक दोष निवारण के लिए कौन सी पूजा अच्छी है?  जिन जातक की  कुंडली में मांगलिक दोष होता है उन लोगो की शादी में बहुत रुकावटें आती है या जिनकी शादी हो भी जाती है तो उनके वैवाहिक जीवन में कलेश ही रहता है अतः शादी से पहले इस दोष का निवारण करना अति अनिवार्य होता है ये पूजा किसी मंदिर या ज्योत्रिलिंग  करानी चाहिए  मांगलिक दोष के लिए  ये पूजाएं की जा सकती हैं:   मंगलनाथ मंदिर में भात पूजा करने से मंगल दोष का प्रभाव दूर होता है.   मंगलनाथ मंदिर क्षिप्रा नदी के किनारे है और मत्स्य पुराण के मुताबिक, यह मंगल का जन्मस्थल माना जाता है.   मंगलवार के दिन हनुमान जी की पूजा करें और सुबह के समय हनुमान चालीसा का पाठ करें.   शाम के समय 8 बजे के बाद ॐ क्रां क्रीं क्रौं सः भौमाय नमः या ऊँ भौं भौमाय नम: मंत्र का 10 हज़ार बार जप करें.   मंगलवार के दिन लाल रंग के कपड़े पहनकर पूजा करें और हनुमान जी को सिंदूर चढ़ाएं.   मंगल ग्रह की शांति के लिए तीन मुखी रुद्राक्ष या फिर मूंगा रत्न ज्योतिषी की सलाह से  धारण  करें.     इससे मांगलिक द...

ग्रहों के लिए शिवलिंग पर क्या चढ़ाएं?

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ग्रहों के लिए शिवलिंग पर क्या चढ़ाएं? नवग्रह की शांति के लिए शिवलिंग पर जल दूध दही काले तिल मुंग दाल बिल्वपत्र फूल गंगाजल ये सारी वस्तुए शिवजी को अर्पित कर सकते है इन वस्तुओ से ही व्यक्ति नवग्रह दोष से मुक्ति पा सकता है तथा रुद्राभिषेक व् शिव पूजा से सारे कष्टों से मुक्ति मिलती है उज्जैन महाकालेश्वर मंदिर में लोग महाकाल की पूजा व् दर्शन मात्र से ही समस्त दोषो से छुटकारा मिलता है व्यक्ति ख़ुशी ख़ुशी जीवन व्यतीत करता है   नवग्रह दोष के जातक को  शिव मंदिर में रुद्राष्टकम का जाप भी करना चाहिए। चन्द्रमा के उपाय करने के लिए सोमवार का दिन है, सोमवार को शिवलिंग पर  दूध, चावल और सफेद फूल  चढ़ाएं। मंगल ग्रह के उपाय करने के लिए मंगलवार का दिन है। मंगल ग्रह की शांति के लिए इस दिन गुड़ मिला हुआ आटा या गेहूं चढ़ाएं। जिससे नवग्रह दोष से मुक्ति मिल सके    वास्तु दोष निवारण पूजा उज्जैन  में करवाने के लिए,  पितृ दोष निवारण पूजा उज्जैन  में करवाने के लिए  रुद्राभिषेक पूजा उज्जैन  में करवाने के लिए या फिर  महामृत्युंजय मंत्र पूजा उज्जैन  म...

अमावस्या के दिन पितरों को कैसे खुश करें?

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अमावस्या के दिन पितरों को कैसे खुश करें? पूर्णमासी और अमावस्या ये दोनों वो तिथियां है जिनमे सरे शुभ काम होते है इनमे कोई भी काम हो पितरो को खुश करना हो या कोई और पूजन अनुष्ठान हो सारे कार्य शुभ माने जाते है आने वाली सोमवती अमावस्या को पितरों को खुश करने के लिए पूजा का अच्छा मुहूर्त होता है इस दिन भगवान् शिव की पूजा की मान्यता है सुहागन स्त्रियाँ पीपल के पेड़ की पूजा करती है तथा भगवान् शिव का आशीर्वाद लेती है  पितरो को खुश करने के लिए इस दिन हमें  अन्न, जल, वस्त्र इत्यादि का दान सामर्थ्य अनुसार करना चाहिए, साथ ही ब्राह्माणों को भोजन कराना भी इस दिन पुण्य फलदायी माना गया है । माना जाता है कि अमावस्या के दिन किया गया दान आपके पितरों को प्रसन्न करता है। साथ ही उनके आशीर्वाद से आपके जीवन में भी खुशहाली आती है। और पितृ दोष भी ख़त्म हो जाता है    वास्तु दोष निवारण पूजा उज्जैन  में करवाने के लिए,  पितृ दोष निवारण पूजा उज्जैन  में करवाने के लिए  रुद्राभिषेक पूजा उज्जैन  में करवाने के लिए या फिर  महामृत्युंजय मंत्र पूजा उज्जैन  में करवाने के लि...

पितृ ऋण से मुक्ति का कारण क्या है?

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पितृ ऋण से मुक्ति का कारण क्या है? पितृ ऋण का मतलब है कि पितरो ने अपने जीवन कोई न कोई गलती की हो या अनजाने में ही हुई हो उस गलती की सजा उनके बच्चो को भुगतनी पड़ती है इसी को पितृ ऋण कहते है पितृ मुक्ति का कारण यह है की जब तक पितृ शांत नहीं होंगे तो परिवार बच्चे सब परेशां रहेंगे और कष्टों का सामना होता रहेगा  पितृ का मुख्य कारण  है कि जो पितृ अपने जीवन में गलती करते है  पितृ ऋण तब लगता है, जब  पितृ ने अपने जीवन में कोई गलती की हो या फिर बुरे काम किए हों, जिसके कारण पितृ मृत्यु के बाद भी दुखी रहते हैं . भले ही ऋण पितृ के हों लेकिन यदि इस ऋण को नहीं उतारा गया तो पितरों के इस पाप कर्म का फल पूरे वंश को झेलना पड़ सकता है. इसलिए पितृपक्ष में पितृ ऋण से मुक्ति से संबंधित उपायों को जरूर करें पितृ ऋण मुक्ति  लिए उज्जैन महाकालेश्वर मंदिर में किसी अच्छे ज्योतिषी से पूजन अनुष्ठान करना चाहिए    वास्तु दोष निवारण पूजा उज्जैन  में करवाने के लिए,  पितृ दोष निवारण पूजा उज्जैन  में करवाने के लिए  रुद्राभिषेक पूजा उज्जैन  में करवाने के लिए या फिर ...

पितरों की मुक्ति कैसे होती है?

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पितरों की मुक्ति कैसे होती है? जब व्यक्ति को पता चलता है की उसके पितृ परेशां है या भटक रहे है तो वह श्राद्ध भोज ब्राह्मण भोज आदि कराकर मुक्ति पाने की कोशिश करता है जिससे वह पितृ दोष से मुक्ति पा सके पितरों का ऋण पुरे परिवार को चुकाना पड़ता है इसीलिए तो श्राद्ध पर्व में पितरो का पिंडदान करके उन्हें इस संसार से मुक्त किया जा सके  अगर आप पितृ दोष से मुक्ति पाना चाहते हैं तो आपको सबसे पहले  पितृपक्ष में विधि-विधान पूर्वक तर्पण और श्राद्ध करना चाहिए.   पितृ पक्ष के दौरान गरीब और ब्राह्मणों को भोजन करना चाहिए.   उन्हें दान देना चाहिए ऐसा करने से पितृ दोष से मुक्ति मिलती है . इसके अलावा अगर आपके पितृ नाराज हैं तो उससे भी पितृ दोष लगा सकता है पितृ दोष मुक्ति लिए उज्जैन महाकालेश्वर मंदिर में जाकर पितृ ऋण या पितृ दोष की मुक्ति श्राद्ध पूजा कराकर पितरों को शांति मिलती है    वास्तु दोष निवारण पूजा उज्जैन  में करवाने के लिए,  पितृ दोष निवारण पूजा उज्जैन  में करवाने के लिए  रुद्राभिषेक पूजा उज्जैन  में करवाने के लिए या फिर  महामृत्युंजय मंत्र...

मंगल दोष को शांत करने के लिए क्या करें?

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मंगल दोष को शांत करने के लिए क्या करें? मंगल दोष के जातक को हनुमान जी की पूजा व् मंगलवार व्रत करना चाहिए जिससे हनुमानजी की कृपा बानी रहे और मंगल दोष शांत हो सके मंगल दोष को  के लिए व्यक्ति को  लाल कपड़े में सौंफ बांधकर अपने शयनकक्ष में रखें।  प्रियजनों को मिष्ठान्न का सेवन कराने से भी   मंगल   शुभ बनता है।  लाल वस्त्र में दो मुठ्ठी मसूर की दाल बांधकर मंगलवार के दिन किसी भिखारी को दान   करें ।  मंगलवार के दिन हनुमानजी के चरण से सिन्दूर लिकर उसका टीका माथे पर लगाना चाहिए।  बंदरों को गुड़ और चने खिलाएं।     वास्तु दोष निवारण पूजा उज्जैन  में करवाने के लिए,  पितृ दोष निवारण पूजा उज्जैन  में करवाने के लिए  रुद्राभिषेक पूजा उज्जैन  में करवाने के लिए या फिर  महामृत्युंजय मंत्र पूजा उज्जैन  में करवाने के लिए गुरु जी से संपर्क करें   गुरूजी से किन किन पूजा के लिए संपर्क करें  Kaal Sarp Dosh Puja Ujjain  मे करवानी चाहिए  pitra dosh puja in ujjain  में करवाने के लिए  mangal dosh ...

मुझे कैसे पता चलेगा कि मुझे पितृ दोष है?

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  मुझे कैसे पता चलेगा कि मुझे पितृ दोष है? जब घर में पितृ दोष हो जाता है तो घर में अचानक परेशानियां आना शुरू हो जाती है  घर में कोई मांगलिक कार्य नहीं हो रहा हो. रोज नई-नई आफतें आ रही हों. आदमी दीन-हीन होकर भटक रहा हो या संतान नहीं हो रही हो या संतान दिव्यांग पैदा हो या संतान से सुख न मिल रहा हो और यह क्रम पीढ़ी दर पीढ़ी चलता आ रहा हो तो इसका मुख्य कारण है कुंडली में  पितृ दोष  का होना होता है.यही पितृ दोष के लक्षण है  पितृ पक्ष में पितरो का श्राद्ध करना जरुरी होता है जिससे पितृ खुश होते है जो लोग श्राद्ध नहीं करते है उनके ही घर में पितृ दोष लगता है और आर्थिक मानसिक शारीरिक कष्टों का सामना करना पड़ता है इसीलिए पितृ दोष पूजा उज्जैन महाकालेश्वर मंदिर में करवानी चाहिए  18 सितम्बर से पितृ दोष मुक्ति महापर्व शुरू हो रहा है इसमें व्यक्ति अपने पितरो की शांति के लिए पूजन हवन ब्राह्मण भोज भी करवाता है जिससे पितृ दोष से मुक्ति मिल सके    वास्तु दोष निवारण पूजा उज्जैन  में करवाने के लिए,  पितृ दोष निवारण पूजा उज्जैन  में करवाने के लिए  रुद...