पितृ पक्ष में वास्तु दोष की पूजा कैसे करें
पितृ पक्ष में वास्तु दोष की पूजा कैसे करें
घर में वास्तु दोष को पहचानने की जरुरत नहीं होती है अगर वास्तु दोष है भी तो उसके लक्षण दिखने लगते है वास्तु दोष के कारन घर में क्लेश लड़ाई झगडे, आपसी मन-मुटाव,आर्थिक तंगी,बीमारी आदि का अचानक से होना वास्तु होता है पितृ पक्ष में पितरो की पूजा का सही दिशा में होना या पूजा स्थल का सही दिशा में होना जरुरी होता है नहीं तो वास्तु दोष लगता है घर में नकारात्मक ऊर्जा से घर में परेशानिया पैदा होती है
घर में वास्तु दोष के लक्षण आर्थिक मानसिक शारीरिक कष्टोका होना वास्तु दोष का कारण है पितृ पक्ष में इसका निवारण किया जा सकता है दक्षिण दिशा में पितरों का वास होता है, इसलिए पितृपक्ष के 15 दिनों में रोजाना इस दिशा में चौमुखी दीपक जलाना चाहिए। इससे पितृ प्रसन्न होते हैं और पितृ दोष से मुक्ति मिलती है। ध्यान रखें कि इस दिशा में सरसों के तेल का दीपक ही जलाना सबसे उचित माना जाता है। पितृ पक्ष में घर के मुख्य द्वार को साफ़ रखें और रोज़ाना सुबह उस पर जल चढ़ाएं. मुख्य द्वार पर पुष्प और दीपक लगाना भी शुभ माना जाता है काले तिल को बहुत पवित्र माना गया है. पितरों का श्राद्ध करते समय ब्राह्मण, गाय,को भोजन कराते समय उसमें काले तिल डालें जिससे पितर खुश होते है और सारे दोषो से मुक्ति मिलती है
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