करवा चौथ की शाम की पूजा कैसे करते हैं?
करवा चौथ की शाम की पूजा कैसे करते हैं? हिन्दू धर्म में करवाचौथ का बड़ा ही महत्व है यह व्रत कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को मनाया जाता है यह व्रत हर सुहागिन स्त्रियाँ अपने पति की दीघार्यु के लिए करती है यह निर्जल व्रत रखा जाता है और शाम के समय पूजा करके व् चंद्र दर्शन के बाद ही पति के हाथो से ही पानी पीकर यह व्रत खोला जाता है करवाचौथ की शाम गणेश शिव और गौरा माता की पूजा की जाती है सुहागिन स्त्रियाँ सोलह श्रृंगार कर यह पूजा करती है करवाचौथ की शाम को तैयार होकर पूजा भगवान गणेश जी शिव जी व् माता गौरा की पूजा के बाद करवा माता की भी कथा सुनी जाती है मां पार्वती को श्रृंगार सामग्री अर्पित करें और मिट्टी के करवा में जल भर कर पूजा स्थान पर रखें। अब भगवान श्री गणेश, मां गौरी, भगवान शिव और चंद्र देव का ध्यान कर करवा चौथ व्रत की कथा सुनें। चंद्रमा की पूजा कर उन्हें अर्घ्य दें। फिर छलनी की ओट से चंद्रमा को देखें और उसके बाद अपने पति का चेहरा देखें।उसके बाद ही व्रत पूरा होता है और प्रभु से पति की मंगल की कामना की जा...