पापाकुंशा एकादशी के दिन क्या कालसर्प दोष पूजा कर सकते है?

पापाकुंशा एकादशी के दिन क्या कालसर्प दोष पूजा कर सकते है?


एकादशी के दिन भगवान विष्णु जी की पूजा की जाती है दशहरे यानि विजयदशमी के अगले दिन आने वाली ग्यारस को पापाकुंशा एकादशी कहते है इस दिन सभी पापो को दूर करने वाली एकादशी होती है इस दिन जो भी व्यक्ति पूजा या अनुष्ठान करता है उसके समस्त दोष दूर हो जाते है कालसर्प दोष हो या कोई भी दोष सभी से मुक्ति मिलती है व्रत करने वाले व्यक्ति को भगवान् विष्णु का आशीर्वाद मिलता है


पापाकुंशा एकादशी के दिन कालसर्प दोष  पूजा की जा सकती है -इस दोष की पूजा के लिए किसी भी मंदिर या ज्योत्रिलिंग में पूजा करवा सकते है पापांकुशा एकादशी के दिन भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा करने से पापों से मुक्ति मिलती है. कालसर्प दोष से मुक्ति पाने के लिए,उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर में दर्शन करना सबसे ज़्यादा प्रसिद्ध है.कालसर्प दोष से मुक्ति पाने के लिए, घर में मोर पंख धारण किए भगवान श्री कृष्ण की मूर्ति रखनी चाहिए और उनकी पूजा करनी चाहिए. कालसर्प दोष से मुक्ति पाने के लिए, रोज़ाना शिवलिंग पर अभिषेक करना चाहिए. कालसर्प दोष से मुक्ति पाने के लिए, रोज़ाना कुलदेवता की पूजा करनी चाहिए. कालसर्प दोष से मुक्ति पाने के लिए, रोज़ाना महामृत्युंजय मंत्र का जाप करना चाहिए. कालसर्प दोष से मुक्ति पाने के लिए, गोमेद रत्न धारण किया जा सकता है इन सभी कार्यो को करने से कालसर्प दोष से हमेशा के लिए मुक्ति मिल जाती है और भगवान् विष्णु की कृपा से सुख समृद्धि होती है 


वास्तु दोष निवारण पूजा उज्जैन में करवाने के लिए, पितृ दोष निवारण पूजा उज्जैन में करवाने के लिए रुद्राभिषेक पूजा उज्जैन में करवाने के लिए या फिर महामृत्युंजय मंत्र पूजा उज्जैन में करवाने के लिए गुरु जी से संपर्क करे


गुरूजी से किन किन पूजा के लिए संपर्क करें 

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