सर्वपितृ अमावस्या पर क्या करना चाहिए?
सर्वपितृ अमावस्या पर क्या करना चाहिए?
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सर्वपितृ अमावस्या का दिन पितृ पक्ष का आखिरी दिन होता है इस दिन पितरो की विदाई होती है और साथ ही अगले दिन नवरात्री का शुभारंभ होता है अमावस्या के दिन अंतिम पिंडदान श्राद्ध का दिन होता है और पितरो की तर्पण विधि करने से उनका आशीर्वाद मिलता है अमावस्या के दिन सुबह पितरो के नाम से ब्राह्मण भोज करना चाहिए सूर्यदेव को जल अर्पित करना चाहिए और दान पुण्य भी करना जिससे पितरो का आशीर्वाद मिले और घर में सुख समृद्धि बनी रहे
सर्वपितृ अमावस्या पर व्यक्तियों को वो काम करने चाहिए जिससे पितरो की आत्मा को शांति मिले और आशीर्वाद देकर जाये और कोई भी दोष हो तो उससे मुक्ति मिलती है सर्वपितृ अमावस्या के दिन सुबह जल्दी उठें और स्नान कर साफ वस्त्र धारण करें। सूर्य देव को जल अर्पित कर पूर्वजों का तर्पण करते समय दक्षिण दिशा की ओर मुख करें। तर्पण करने के लिए जौ, कुश और काले तिल का प्रयोग करें। पितरों की शांति प्राप्ति के लिए मंत्रों का जप करें। दान पुण्य पूजा अनुष्ठान चाहिए और पितरो की विदाई ख़ुशी से करे
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