कालसर्प दोष में कौन सी पूजा करनी चाहिए?

 कालसर्प दोष में कौन सी पूजा करनी चाहिए?


जब जातक की कुंडली में गृहों की चाल बदलती है और कुछ गृह अपना स्थान बदलते है तब कुंडली में दोष होता है ऐसे में कालसर्प दोष होता है इस दोष से निवारण के लिए शिवलिंग की पूजा व् रुद्राभिषेक करना चाहिए सोमवार के दिन महाम्रत्युन्जय का जाप करे मंगलवार के दिन हनुमान जी पर सिंदूर व् चमेली का तेल चढ़ाना चाहिए जिससे कालसर्प दोष से छुटकारा मिल सके 


कालसर्प दोष और मंगल दोष से निवारण के लिए शिवजी पर नाग पंचमी के दिन चांदी के नाग-नागिन का दान करना चाहिए। इसके साथ-साथ सावन के माह में रोजाना राहु और केतु के मंत्र का जाप करें। कालसर्प दोष निवारण के लिए नागपंचमी के दिन नागों की पूजा का विधान है। इसलिए इस दिन कालसर्प दोष वालों को चांदी का नाग-नागिन का जोड़ा भगवान शिव को अर्पित करने से भी कालसर्प दोष से मुक्ति मिलती है।शिवलिंग पर अभिषेक करना प्रदोष तिथि को शिव मंदिर में रुद्राभिषेक करना रोज़ाना कुलदेवता की पूजा करनारोज़ाना कम से कम 108 बार महामृत्युंजय मंत्र का जाप करना नाग गायत्री मंत्र का जाप करना 'ॐ नमः शिवाय' और 'ॐ नागदेवताय नम:' मंत्र का जाप करना राहु और केतु स्तोत्र और मंत्रों का जाप करना ऐसा करने से इस दोष से मुक्ति मिलती है और भगवान भोलेनाथ कृपा बनी रहती है 


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