कालसर्प दोष से मुक्ति के लिए, महाशिवरात्रि के दिन क्या करें

कालसर्प दोष से मुक्ति के लिए, महाशिवरात्रि के दिन क्या करें 


कालसर्प दोष से मुक्ति के लिए, महाशिवरात्रि के दिन करें ये अचूक उपाय 

कालसर्प दोष से मुक्ति पाने के लिए आने वाली फरवरी माह की 26 ता० को महाशिवरात्रि का पर्व है इस दिन भगवान् भोलेनाथ को प्रसन्न कर कालसर्प दोष से मुक्ति पा सकते है महाशिवरात्रि पर रुद्राभिषेक महाम्रत्युन्जय जाप का उपाय कर सकते है घर मंदिर या किसी भी ज्योत्रिलिंग में कालसर्प दोष की पूजा कर इस दोष से मुक्ति पा सकते है महाशिवरात्रि के दिन 'ॐ नागकुलाय विद्महे विषदंताय धीमहि तन्नो सर्प प्रचोदयात' का जाप करें. महाशिवरात्रि के दिन चांदी या तांबे के नाग-नागिन के जोड़े को किसी मंदिर या बहते जल में प्रवाहित करें इस उपाय से कालसर्प दोष से छुटकारा मिल जाता है 



महाशिवरात्रि के दिन शिवजी की पूजा व्रत का बड़ा ही महत्व है इस दिन जो भी व्यक्ति भक्ति और श्रद्धा के साथ पूजा अर्चना करता है उसके सारी इच्छाएं पूरी होती है इस दिन जो भी उपाय किये जाते है उनका फल जरूर मिलता है महाशिवरात्रि के दिन शिवलिंग पर दूध और जल चढ़ाकर रुद्र अभिषेक करें सुबह पवित्र स्नान करें और स्नान के पानी में काले तिल मिलाएं. विधि-विधान से शिव जी की पूजा करें और नाग-नागिन के जोड़े को भगवान शिव को अर्पित करें. भगवान भोलेनाथ से दोषों को दूर करने के लिए प्रार्थना करें रोज़ाना महामृत्युंजय मंत्र का कम से कम 108 बार जप करें.इन उपायों को करने से सभी कष्टों से मुक्ति मिल जाती है और भगवान् शिवजी का आशीर्वाद भी  मिलता है 


वास्तु दोष निवारण पूजा उज्जैन में करवाने के लिए, पितृ दोष निवारण पूजा उज्जैन में करवाने के लिए रुद्राभिषेक पूजा उज्जैन में करवाने के लिए या फिर महामृत्युंजय मंत्र पूजा उज्जैन में करवाने के लिए गुरु जी से संपर्क करे




गुरूजी से किन किन पूजा के लिए संपर्क करें 

Kaal Sarp Dosh Puja Ujjain मे करवानी चाहिए pitra dosh puja in ujjain में करवाने के लिए mangal dosh puja ujjain में करवाने के लिए या फिर mangal bhat puja ujjain में करवाने के लिए गुरु जी से इस नंबर पर 08602397229 संपर्क करें।





































































Comments

Popular posts from this blog

शिवलिंग पर फूल चढ़ाने से क्या होता है

कालसर्प दोष कैसे खत्म करें?

शारदीय नवरात्रि में महागौरी माता की पूजा कैसे की जाती है?